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ऐ चाँद

Posted by Nirbhay Jain Sunday, August 30, 2009, under | 0 comments
ऐ चाँद तेरी खूबसूरती के दीवाने सब हैं,
मैं भी हूँ…..

तेरी चाँदनी की तरेह रोशन तो नही पर मशहूर
मैं भी हूँ…..

टू भले ही बैठा होगा पलकों पे सबकी,
पर किसी की आंखों की नूर तो
मैं भी हूँ…..

तेरे बादलों में छिप जाने की अदा क्या गज़ब ढाती है,
जब तेरी चांदनी तुझमें आकर सिमट जाती है,

तू नही जानता वो वक्त, वो मंजर ही कुछ और होता है,
जब सारी दुनिया तेरे एक दीदार को तरस जाती है….

ऐ चाँद तू कुदरत की इनायत है,
मैं भी हूँ….

तुझमें अगर दाग है, तो गुनाहगार
मैं भी हूँ……

तेरी हुकूमत भले ही रात तक सीमित होगी,
पर इस हुकूमत की गुलाम तो
मैं भी हूँ…….

साँसों की डोर

Posted by Nirbhay Jain Friday, August 21, 2009, under | 2 comments
जाने क्यूँ वो साँसों की डोर टूटने नही देता,
बस दो कदम और चलने का वास्ता देकर
मुझे
रुकने नही देता.....

बात कहता है वो मुझसे हंस हंस कर जी लेने की,
अजीब शख्स है मुझको
चैन
से रोने नही देता......

आज हौसला देता है मुझे चाँद सितारों को छू लेने का,
वो प्यारा सा चेहरा मुझे
टूटकर
बिखरने नही देता.......

शायद जानता है वो भी इन आंखों में आंसुओ का सैलाब है,
जाने क्यूँ फ़िर भी वो इन आंसुओ को गिरने नही देता........

मुझसे कहता है, "मैं तो मर जाऊंगा तुम्हारे बिना" ,
मैं जिंदा हूँ अब तक के वो मुझे मरने नही देता!!!

ऐ जिंदगी

Posted by Nirbhay Jain Saturday, July 25, 2009, under | 1 comments
तुम बिन
जी रहे हैं जिंदगी
कि साँसों में तुम हो ......
जब आँखें बंद करते हैं
तो ख़्वाबों में तुम हो ..........
जब बोलते हैं
तो बातों में तुम हो ......
लिखते हैं कुछ तो
हर लफ्ज़ में तुम हो .......
धड़कता हैं दिल
तो हर धड़कन में तुम हो ........
जी रहे हैं अभी तक
क्यों कि जान तुम हो.....
( शशि ,जयपुर )

दिल चाहता है ..................

Posted by Nirbhay Jain Friday, July 24, 2009, under | 2 comments
दिल चाहता है आज फिर छोटी बच्ची बन जाऊं,
रोज़ सुबह छुट्टी के बहाने बनाऊ
और असेम्बली में आँखें खोल कर प्रयेर गाऊं....

वोह चुपके चुपके क्लास में टिफिन खोलू
और पकड़े जाने पर पेट -दर्द का झूठ बोलूं ...

दिन भर स्कूल में मस्ती मारूं
और बस में जूनियर्स पर रॉब झाडूं .....

वो हर दिन होमवर्क अधुरा रह जाए
और अगले दिन मेरी कॉपी घर पर रह जाए .....

हर रोज़ दोस्तों से रूठ जाऊं
और ज़िन्दगी भर साथ वाला तुम जैसा
एक साथी बनाऊ ......!!!!!!!
- शशि (शेडो ऑफ़ द मून) जयपुर