मेरे टूटे हुए दिल को,
सहारा कोन देगामेरी तूफ़ान में कश्ती,
किनारा कोन देगायह केसे मोड़ पे लाइ हें,
मुजको जिन्दिगानीअधूरी सी लिखी गयी हँ,
क्यूँ मेरी कहानीहँ अब किस राह पे चलना,
इशारा कोन देगामेरे टूटे हुए दिल को.
सहारा कौन देगामैं हूँ और साथ मेरे,
अब मेरी तन्हैया हैंमेरी तकदीर से मुजको,
मिली रुस्वयिया हैंमेरी आँखों को खुशिओं का,
नज़ारा कौन देगामेरे टूटे हुए दिल को,
सहारा कौन देगा
चम चम करती आई दिवालीघर घर दीपक जलते हैंद्वार द्वार सजी रंगोलीरंग अनेक मन हरते हैंउठती रसोई से सुगंध मनमोहकलड्डू बर्फी बालूसाहीकितने पकवान कितनी मिठाईफुलझडी की तड तड संग किलकारियांफुवारों के संग चकरियां प्यारियांवो देखो बदमाश हरा बम्ब लायाकितने जोर का धमाका मचायामिलते लोगों से देते बधाईहर मुख पर खुसी लहराईचम चम करती लक्ष्मी आईसंग शारदा गणेश भी लायीदर्दिरता,
अज्ञान,
विघ्न हरेंगेअर्चित हो हम पर अनुग्रह करेंगेउनके लिए दीप जलाओआनंदित हो घर सजाओएक मेरी थी प्यारी बेहेनास्वर्ग में है,
कोई उसको कहनालक्ष्मी संग तुम भी आनाघर में पग फिर से धरनाआँखों से सूरत हटती नहींप्यारी अटखेलियाँ बिसरती नहींकाश तुम संग हमारे होतींऑंखें दीपो में न रोतींइस्वर उसे सम्बहले रखनास्वर्ग के सब प्राप्य वास्तु उसको देना.